प्यार में हद से गुजर जाने की रोमांटिक लव शायरी

जब यार मेरा हो पास मेरे, मैं क्यूँ न हद से गुजर जाऊँ,
जिस्म बना लूँ उसे मैं अपना, या रूह मैं उसकी बन जाऊँ।
लबों से छू लूँ जिस्म तेरा, साँसों में साँस जगा जाऊँ,
तू कहे अगर इक बार मुझे, मैं खुद ही तुझमें समा जाऊँ।


सुर्ख गुलाब सी तुम हो,
जिन्दगी के बहाव सी तुम हो,
हर कोई पढ़ने को बेकरार,
पढ़ने वाली किताब सी तुम हो।

दिल ही दिल में तुम्हें प्यार करते हैं,
चुप-चाप मोहब्बत का इजहार करते हैं,
ये जानते हुए भी आप मेरी किस्मत में नहीं,
पर पाने की कोशिश बार-बार करते है।

काश बनाने वाले ने दिल काँच का बनाया होता,
दिल तोड़ने वाले के हाथों में ज़ख्म तो आया होता,
जब भी वो देखता अपने हाथों की तरफ,
कम से कम उसे मेरा ख्याल तो आया होता।

महफ़िल ना सही तन्हाई तो मिलती है,
मिलना न सही जुदाई तो मिलती है,
कौन कहता इश्क़ में कुछ नहीं मिलता,
वफ़ा न सही बेवफाई तो मिलती है।

Leave a Reply